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पेशाब में जलन और पीलापन UTI के 5 गंà¤à¥€à¤° लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को न करें इगà¥à¤¨à¥‹à¤°, छà¥à¤Ÿà¤•ारा पाने के लिठआज ही आजमाà¤à¤‚ ये 5 घरेलू उपाय
मूतà¥à¤° पथ में संकà¥à¤°à¤®à¤£ (Urinary Tract Infection) आपके मूतà¥à¤° पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ के किसी à¤à¥€ हिसà¥à¤¸à¥‡ में होने वाला संकà¥à¤°à¤®à¤£ होता है। जिसमें आपके गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡, मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯, मूतà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹à¤¿à¤¨à¥€ और मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— शामिल होते हैं। यदि आप à¤à¤• महिला हैं, तो आपको यूरिनरी टà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ अधिक होती है। यह शरीर में दूसरा सबसे अधिक होने वाला संकà¥à¤°à¤®à¤£ है। हर 10 में से 1 पà¥à¤°à¥à¤· की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में 2 में से 1 महिला को कम से कम à¤à¤• बार इसके होने का खतरा होता है।
इलाज के सबसे पहला करण होता है बीमारी के कारण का पता और उससे बचना। वह कहती हैं कि UTI कम पानी पीने, खटà¥à¤Ÿà¥‡, मसालेदार, शरà¥à¤•रा यà¥à¤•à¥à¤¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ खाने और अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में कैफीन, कारà¥à¤¬à¥‹à¤¨à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ पेय, कॉफी, चॉकलेट आदि के अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• सेवन के कारण हो सकता है। आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° पितà¥à¤¤ को बढ़ाने वाली कोई à¤à¥€ चीज यूटीआई का कारण बन सकती है। इसलिठइससे बचना चाहिà¤à¥¤
​यूटीआई के गंà¤à¥€à¤° लकà¥à¤·à¤£
मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ के संकà¥à¤°à¤®à¤£ के मामले में, आपको पेशाब करने की आवशà¥à¤¯à¤•ता बार-बार महसूस हो सकती है या पेशाब करते समय दरà¥à¤¦ महसूस हो सकता है। पेट के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦ और पेशाब में à¤à¤¾à¤— बने रहना à¤à¥€ इसके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• है। किडनी में संकà¥à¤°à¤®à¤£ होने पर बà¥à¤–ार, ठंड लगना, जी मिचलाना, और उलà¥à¤Ÿà¥€ हो सकता है। जबकि मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— में यह संकà¥à¤°à¤®à¤£ पेशाब करने पर डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ और जलन पैदा कर सकता है।
​चावल का पानी पेशाब में जलन को करता है कम
आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ डाकà¥à¤Ÿà¤° बताती हैं कि चावल का पानी यूटीआई में होने वाले डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ, पीठदरà¥à¤¦, खà¥à¤œà¤²à¥€ और पेट दरà¥à¤¦ में राहत पहà¥à¤‚चाने का काम करता है। आप इसका सेवन दिन में कà¤à¥€ à¤à¥€ कर सकते हैं। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि चावल के पानी को सिरà¥à¤« 6-8 घंटे तक ही सà¥à¤Ÿà¥‹à¤° किया जा सकता है। à¤à¤¸à¥‡ में हर दिन ताजा चावल का पानी बनाना सबसे अचà¥à¤›à¤¾ विकलà¥à¤ª होता है।
कैसे तैयार करें- मà¥à¤Ÿà¥à¤ ीà¤à¤° चावल को à¤à¤• बार धोकर मिटà¥à¤Ÿà¥€ के बरà¥à¤¤à¤¨/सà¥à¤Ÿà¥‡à¤¨à¤²à¥‡à¤¸ सà¥à¤Ÿà¥€à¤² के बरà¥à¤¤à¤¨ में 2-6 घंटे के लिठबंद कर दें। फिर चावल को 2 - 3 मिनट के लिठपानी में à¤à¤¿à¤—ोकर रख दें। अब आप इसे छानकर पी सकते हैं।
​धानà¥à¤¯à¤• हिमा रखता है शरीर को ठंडा
à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ बताती हैं कि धानà¥à¤¯à¤• हिमा आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में सबसे ठंडा पेय बताया गया है। इसके सेवन से शरीर में पितà¥à¤¤ की परेशानी खतà¥à¤® हो जाती है। जो कि यूटीआई होने का सबसे मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण है।
कैसे तैयार करें- कà¥à¤šà¤²à¥‡ हà¥à¤ धनिये के बीज को पानी में à¤à¤¿à¤—ोकर रातà¤à¤° या 8 घंटे के लिठरख दें। अगली सà¥à¤¬à¤¹ छानकर उसमें थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में मिशà¥à¤°à¥€ मिलाकर खाली पेट इसे पी लें।
​आंवला रस इमà¥à¤¯à¥‚निटी को रखता है दà¥à¤°à¥à¤¸à¥à¤¤
​आंवला रस इमà¥à¤¯à¥‚निटी को रखता है दà¥à¤°à¥à¤¸à¥à¤¤
आंवला का रस का नियमित सेवन सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठअचà¥à¤›à¤¾ होता है। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि आंवला विटामिन सी से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होता है इसलिठयह पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ में सà¥à¤§à¤¾à¤° करने का काम à¤à¥€ करता है।
​ये पेय à¤à¥€ देते हैं यूटीआई में राहत
वेटिवर पानी, पà¥à¤¦à¥€à¤¨à¤¾ पानी, सौंफ का पानी, नारियल पानी, रात à¤à¤° à¤à¤¿à¤—ोई हà¥à¤ˆ किशमिश, सबà¥à¤œà¤¾ के बीज पà¥à¤°à¤•ृति में हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤‚ग और सà¥à¤ªà¤° कूलिंग होते हैं। जो पेशाब करते समय जलन को कम करने में मदद करते हैं जो कि यूटीआई के दौरान सà¤à¥€ रोगियों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सबसे अधिक अनà¥à¤à¤µ किया जाता है।
यूटीआई का आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• उपचार
आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• जड़ी बूटियां जो यूटीआई में आती है काम
गोकà¥à¤·à¥à¤°à¥‹
पà¥à¤¨à¤°à¥à¤¨à¤µà¤¾
वरूण
चंदन
गà¥à¤¡à¥‚ची (यूटीआई में बà¥à¤–ार आने पर)
पाशनà¤à¥‡à¤¦ (यूटीआई में गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पथरी होने पर)
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